
रिपोर्टर रामपाल यादव शिवपुरी
शिवपुरी: केन्द्र सरकार के “पोषण भी-पढाई भी” कार्यक्रम के तहत प्रदेश की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकताओं को नेशनल करिकुलम फॉर अर्ली चाईल्डहूड केयर एण्ड एजुकेशन 2024 (आधारशिला) एवं नेशनल फ्रेमवर्क फॉर अर्ली चाईल्डहूड स्टीमूलेशन 2024 (नवचेतना) के अनुसार प्रशिक्षित किया जा रहा है शिवपुरी ग्रामीण परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस अभियान के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र सुंदरियाल ने अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं सक्षम आंगनवाड़ी एवं मिशन पोषण 2.0 अभियान के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 3 वर्ष से कम आयु के बच्चों के पालकों को बाल विकास को प्रेरित करने के संबंध में जागरूक करने, पोषण संबंधी गतिविधियों, 3-6 वर्ष के बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और बच्चों में दिव्यांगता एवं विकास में देरी के संबंध में पालकों को जागरूक करने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिये परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों को मास्टर ट्रेनर्स के रूप में तैयार किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा है कि “पोषण भी-पढ़ाई भी” कार्यक्रम का जिले में बेहतर ढंग से क्रियान्वयन होना चाहिए। इस कार्यक्रम के ज़रिए, हर बच्चे को कम से कम दो घंटे की उच्च गुणवत्ता वाली प्रीस्कूल शिक्षा दी जाएगी। आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल-आधारित और गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति अपनाई जाएगी। दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष सहायता भी दी जाएगी